Rajasthan News: राजस्थान की राजनीति में अचानक तेज़ी आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) का दिल्ली दौरा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। यह ऐसे समय में हुआ है जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajan lal Sharma) भी दिल्ली में हैं, जिससे राजस्थान में आगामी मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों को बल मिला है।
पीएम मोदी से वसुंधरा राजे की अहम मुलाकात

सोमवार को संसद भवन में वसुंधरा राजे और प्रधानमंत्री मोदी के बीच करीब 20 मिनट तक मुलाकात हुई। हालांकि, इस मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने ही वसुंधरा राजे को दिल्ली बुलाया था। इससे यह अटकलें तेज़ हो गई हैं कि यह मुलाकात किसी खास एजेंडे पर आधारित थी। महत्वपूर्ण बात यह है कि वसुंधरा राजे अपनी दिल्ली यात्रा से ठीक एक दिन पहले अपने विधानसभा क्षेत्र झालावाड़ के दौरे पर थीं, जहां उन्होंने पिपलोदी गांव में हुए स्कूल हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा था कि अगर भवनों का सर्वे हो जाता तो यह हादसा टल सकता था।
सीएम भजनलाल शर्मा भी दिल्ली में सक्रिय
वसुंधरा राजे के दिल्ली दौरे ने इसलिए भी सियासी हलचल तेज़ की है क्योंकि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी इस समय दिल्ली में ही हैं। उनकी भी शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात संभावित है। सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली में ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यमुना जल और ERCP (ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट) को लेकर केंद्रीय मंत्री सी. आर. पाटिल से भी चर्चा की। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात में राजस्थान में ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र से जुड़े विषयों पर बातचीत हुई।
क्या होगा मंत्रिमंडल विस्तार?
दोनों बड़े नेताओं के एक ही समय पर दिल्ली में रहना, और शीर्ष नेतृत्व से मुलाकातें, यह संकेत दे रही हैं कि राज्य में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बीजेपी राजस्थान में नेतृत्व और संगठन के स्तर पर कोई बड़ा बदलाव करने जा रही है।