जयपुर: मरुधरा में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राजधानी जयपुर (Jaipur) में आज, 28 नवंबर 2025 की सुबह की शुरुआत हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के साथ हुई। आसमान में बादल छाए हुए हैं और सूर्यदेव के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं। इस बेमौसम बारिश (मावठ) ने ठंड को और बढ़ा दिया है।
मौसम विभाग (IMD Jaipur) ने आज राज्य के कई हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण बारिश की चेतावनी जारी की है।
आज 9 जिलों में येलो अलर्ट (Yellow Alert in 9 Districts)
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान में बारिश के आसार बने हुए हैं। विभाग ने आज 9 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
- इन जिलों में बरस सकते हैं बादल: उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, सिरोही, झालावाड़ और कोटा जिलों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
- चेतावनी: बारिश के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं भी चल सकती हैं।
जयपुर में बदला नजारा
जयपुर में बीती रात से ही बादल छाए हुए थे। आज सुबह कई इलाकों में रिमझिम बारिश हुई, जिससे सड़कों पर गीलापन और हवा में गलन महसूस की गई। सुबह ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को हल्की परेशानी का सामना करना पड़ा।
अगले सप्ताह से ‘हाड़ कंपाने’ वाली सर्दी
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश सर्दी का ‘ट्रेलर’ मात्र है।
- तापमान गिरेगा: बारिश का दौर थमते ही आसमान साफ होगा और उत्तर भारत से बर्फीली हवाएं (Northerly Winds) राजस्थान की ओर रुख करेंगी।
- दिसंबर की शुरुआत: अगले सप्ताह (दिसंबर के पहले हफ्ते) से राज्य में कड़ाके की सर्दी पड़ना शुरू हो जाएगी। रात का तापमान 2 से 4 डिग्री तक गिर सकता है, जिससे कंपकंपी छूटने लगेगी।
किसानों के लिए ‘अमृत’ है मावठ
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, रबी की फसलों (गेहूं, सरसों, चना) के लिए यह मावठ (Winter Rain) अमृत के समान है। इससे फसलों को प्राकृतिक सिंचाई मिलेगी और उत्पादन बढ़ेगा। हालांकि, अगर बारिश के साथ ओले गिरे तो नुकसान भी हो सकता है।