पांच लुटेरों से अकेले भिड़ गई 75 साल की ‘शेरनी’ दादी, हिम्मत देख उल्टे पांव भागे बदमाश, देखें वीडियो
News Desk
July 23, 2025
3:10 AM
July 23, 2025
पाली, राजस्थान: “म्हारी कंठी नीं ले जावण दूं…” (मेरी कंठी नहीं ले जाने दूंगी), यह शब्द नहीं, 75 साल की एक दादी का वो अदम्य साहस है जिसके आगे पांच नकाबपोश लुटेरे भी पस्त हो गए। राजस्थान के पाली जिले से बहादुरी की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला अपने घर में घुसे पांच हथियारबंद लुटेरों से अकेले ही भिड़ गईं। दादी की हिम्मत देख लुटेरों के हौसले पस्त हो गए और वे आधी-अधूरी लूट करके ही भागने पर मजबूर हो गए। यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई और अब इसका वीडियो वायरल हो रहा है।
रात के अंधेरे में अकेली दादी पर बोला धावा
यह घटना पाली जिले के सोजत सिटी थाना क्षेत्र के बगड़ी नगर की है। सोमवार देर रात करीब 1 बजे, 75 वर्षीय अमरती देवी अपने घर के हॉल में चारपाई पर अकेली सो रही थीं। उनके बेटे तिलोक राम का परिवार घर के दूसरे हिस्से में था। इसी दौरान एक गाड़ी में सवार होकर आए पांच नकाबपोश बदमाश घर का दरवाजा खुला देख अंदर घुस आए।
सोती हुई अमरती देवी के गले से सोने की कंठी (हार) छीनने की कोशिश की, तभी उनकी नींद खुल गई। बिना एक पल भी डरे, अमरती देवी ने लुटेरों का सामना किया और अपनी कंठी कसकर पकड़ ली।
“एक को पकड़ा तो दूसरा पटकने लगा”
सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे अकेली दादी पांच लुटेरों पर भारी पड़ गईं। उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए एक बदमाश को मजबूती से पकड़ लिया। खुद को छुड़ाने के लिए जब दूसरे बदमाश ने उन्हें धक्का देकर जमीन पर पटक दिया, तब भी वह चिल्लाती रहीं और संघर्ष करती रहीं। शोर सुनकर जब तक उनका बेटा और परिवार के अन्य लोग बाहर आते, तब तक लुटेरे घबराकर वहां से भाग खड़े हुए। बदमाश अपने साथ केवल टूटी हुई आधी कंठी ही ले जा पाए।
वीडियो में कैद हुई बहादुरी:
#राजस्थान के बगड़ी में देर रात एक घर में लूटपाट की नीयत से घुसे 5.6 लुटेरे 75 साल की बुजुर्ग महिला के आभूषण और अन्य चीज चुरा ले गए..लूटपाट की पूरी घटना CCTV में कैद हो गई.. pic.twitter.com/7LHu9DJptI
— News Art (न्यूज़ आर्ट) (@tyagivinit7) July 22, 2025
वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे नकाबपोश बदमाश सो रही बुजुर्ग महिला को घेर लेते हैं और उनके गले से जेवर खींचने की कोशिश करते हैं। अचानक महिला उठकर एक बदमाश को पकड़ लेती हैं और उससे भिड़ जाती हैं। इस अप्रत्याशित प्रतिरोध से लुटेरे घबरा जाते हैं और जल्दबाजी में भागते हुए नजर आते हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही सोजत सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने अमरती देवी से घटना की पूरी जानकारी ली। मामूली चोटों के अलावा वह सुरक्षित हैं, लेकिन इस घटना से सदमे में हैं। पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और नकाबपोश लुटेरों की तलाश में जुट गई है। 75 साल की उम्र में अमरती देवी द्वारा दिखाया गया यह साहस पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग उनकी बहादुरी की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
Kota Thermal Plant Python Attack: कोटा थर्मल प्लांट में काम के दौरान कर्मचारी पर 12 फीट लंबे अजगर का हमला, हड़कंप
News Desk
November 25, 2025
7:13 PM
November 25, 2025
कोटा: राजस्थान की ‘कोचिंग सिटी’ कोटा (Kota) से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के कोटा सुपर थर्मल पावर प्लांट (Kota Super Thermal Power Plant) परिसर में सोमवार को काम कर रहे एक संविदा कर्मचारी पर 12 से 14 फीट लंबे विशालकाय अजगर (Python) ने अचानक हमला कर दिया। अजगर ने कर्मचारी के पैरों को बुरी तरह जकड़ लिया, जिसके बाद प्लांट में हड़कंप मच गया।
क्या है पूरा मामला? (The Incident)
घटना सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। थर्मल प्लांट की यूनिट-5 के पास झाड़ियों में पाइपलाइन का वाल्व खोलने के लिए 53 वर्षीय संविदा कर्मी नंद सिंह (Nand Singh) गए थे। जैसे ही वह झाड़ियों के बीच पहुंचे, वहां पहले से छिपे बैठे एक विशाल अजगर ने उन पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अजगर ने बिजली की तेजी से झपट्टा मारा और नंद सिंह के दोनों पैरों को अपनी कुंडली में जकड़ लिया। कर्मचारी ने खुद को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन अजगर की पकड़ इतनी मजबूत थी कि वह जमीन पर गिर पड़े और मदद के लिए चिल्लाने लगे।
साथियों ने लाठी-डंडों से बचाई जान (Rescue Operation)
नंद सिंह की चीख-पुकार सुनकर आसपास काम कर रहे अन्य मजदूर मौके पर दौड़े। अपने साथी को मौत के मुंह में फंसा देख मजदूरों ने लाठी-डंडों और सरियों से अजगर पर हमला बोल दिया। करीब 10 से 20 मिनट तक चले संघर्ष के बाद, मजदूरों ने अजगर को इतना पीटा कि उसने अपनी पकड़ ढीली कर दी, जिसके बाद नंद सिंह को खींचा गया।
घायल कर्मचारी को तुरंत एमबीएस अस्पताल (MBS Hospital) ले जाया गया, जहाँ उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। उनके पैरों में चोटें आई हैं।
अजगर की हालत गंभीर, वन विभाग दर्ज करेगा केस (Forest Department Action)
कर्मचारी को बचाने के गुस्से में साथी मजदूरों ने अजगर को लाठियों से बुरी तरह पीटा, जिससे वह अधमरा हो गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम और स्नेक कैचर मौके पर पहुंचे।
पशु चिकित्सक डॉ. विलास राव के अनुसार, अजगर के शरीर पर 50 से ज्यादा घाव हैं और उसका मुंह पूरी तरह कुचल दिया गया है। उसके बचने की उम्मीद बहुत कम है।
कोटा डीएफओ (DFO) मुथु एस ने कहा कि आत्मरक्षा में जान बचाना ठीक है, लेकिन जान बचाने के बाद भी वन्यजीव को क्रूरता से पीटना कानूनन अपराध है। वन विभाग उन लोगों की पहचान कर रहा है जिन्होंने अजगर को अनावश्यक रूप से चोट पहुंचाई और उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद थर्मल मजदूर संघ ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है। कर्मचारियों का कहना है कि प्लांट परिसर में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं, जिनकी सफाई नहीं की जा रही है। आए दिन यहाँ पैंथर, भालू और सांप जैसे जहरीले जीव निकलते रहते हैं, जिससे कर्मचारियों की जान को खतरा बना हुआ है।