जयपुर: राजस्थान की नौकरशाही (Bureaucracy) के शीर्ष पद पर एक बार फिर बड़ा फेरबदल हुआ है। राज्य के मुख्य सचिव (Chief Secretary) सुधांश पंत को अचानक पद से मुक्त कर दिया गया है और उनका तबादला दिल्ली हो गया है। उन्हें केंद्र सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (Ministry of Social Justice and Empowerment) में सचिव नियुक्त किया गया है।
1 जनवरी 2024 को ही मुख्य सचिव का पद संभालने वाले सुधांश पंत का कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होना था। लेकिन, अपने रिटायरमेंट से लगभग 14 महीने पहले ही उनका दिल्ली जाना प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
पंत के इस आकस्मिक ट्रांसफर के बाद, अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि राजस्थान का अगला प्रशासनिक मुखिया कौन होगा? नए मुख्य सचिव को लेकर जयपुर के सत्ता के गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है और कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के नाम पर चर्चा तेज हो गई है।
क्यों हुआ सुधांश पंत का ट्रांसफर?
सुधांश पंत (1991 बैच IAS) को 1 जनवरी 2024 को पूर्व मुख्य सचिव उषा शर्मा की जगह लाया गया था। हालांकि, सूत्रों की मानें तो पिछले कुछ समय से उनका मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के साथ तालमेल सही नहीं बैठ रहा था। कई अहम फाइलों को कथित तौर पर ‘बायपास’ किए जाने और कुछ अधिकारियों की पोस्टिंग को लेकर उनकी नाराजगी की खबरें भी सामने आई थीं। यह दूसरी बार है (राजीव महर्षि के बाद) जब किसी मुख्य सचिव ने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद छोड़कर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (Central Deputation) का विकल्प चुना है।
कौन हैं नए मुख्य सचिव की रेस में?
सुधांश पंत के जाने के बाद अब वरिष्ठता (Seniority) और मुख्यमंत्री की पसंद के आधार पर नए मुख्य सचिव का चयन किया जाएगा। इस दौड़ में फिलहाल तीन नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं:
- अखिल अरोड़ा (Akhil Arora):
- 1993 बैच के आईएएस अधिकारी अखिल अरोड़ा वर्तमान में अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) वित्त विभाग का अहम जिम्मा संभाल रहे हैं।
- वरिष्ठता के आधार पर वे इस पद के प्रबल दावेदारों में से एक माने जा रहे हैं। उनका रिटायरमेंट फरवरी 2029 में है, जिससे उन्हें लंबा कार्यकाल मिल सकता है।
- अभय कुमार (Abhay Kumar):
- अभय कुमार भी वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों में शुमार हैं और उनका नाम भी मुख्य सचिव की रेस में प्रमुखता से लिया जा रहा है।
- उनकी सेवानिवृत्ति अगस्त 2028 में है और वे वर्तमान में एसीएस (ACS) के पद पर कार्यरत हैं।
- शिखर अग्रवाल (Shikhar Aggrawal):
- इस रेस में एक और मजबूत नाम शिखर अग्रवाल का है। वे भी अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर हैं।
- शिखर अग्रवाल का रिटायरमेंट जुलाई 2030 में है। यदि सरकार एक लंबी अवधि के लिए मुख्य सचिव नियुक्त करना चाहती है, तो वे एक मजबूत विकल्प हो सकते हैं।
आगे क्या होगा?
इन तीन प्रमुख नामों के अलावा आईएएस अधिकारी शुभ्रा सिंह का नाम भी चर्चा में है, हालांकि उनका रिटायरमेंट (जनवरी 2026) जल्द ही होना है, जो उनकी दावेदारी को थोड़ा कमजोर कर सकता है।
अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा पर टिकी हैं। अंतिम निर्णय उन्हें ही लेना है कि वे वरिष्ठता को तरजीह देते हैं या अपनी पसंद के किसी ऐसे अधिकारी को लाते हैं, जिसके साथ सरकार का तालमेल बेहतर रहे। उम्मीद है कि एक-दो दिन के भीतर ही नए मुख्य सचिव के नाम की घोषणा कर दी जाएगी।